
खरगोश और कछुआ
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मैदान की दौड़
खरगोश घास के मैदान में तेज़ी से दौड़ा।
वह पेड़ों के पास से हवा की तरह निकल गया।
कछुआ धीरे मगर मज़बूती से आगे बढ़ता रहा।
खरगोश ने एक फँसी हुई चिड़िया देखी।
वह रुककर चिड़िया को आज़ाद कराने में जुट गया।
कछुआ पहले रेखा तक पहुँचा, पर खरगोश मुस्कुराया।
The End
दयालु होना जीतने से ज़्यादा ज़रूरी है।






